Author: Saurabh Rajan

I have never tried to describe myself as I don't fit in any description. All I can say is that I flow with life. Do not intend to reach anywhere because the journey itself is beautiful!!

मैं और मेरी शून्यता

जागने की हसरत थी रोशिनओं मेंमुझे जगाए रखा अंधेरों की ठोकरों ने। जो नहीं समझ पाते अंधेरों की जागृित वो कैसे समझेंगे मेरा जागरणवो कैसे समझेंगे मेरे अंधेरों के उजाले वो सो रहे हैं आँखें खोल करअंधेरों से अंधेरा पैदा हो यह ज़रूरी नहीं पर ये वो नहीं समझतेजो बौद्धिक अंधकार के शिकार हैं। जो […]

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