Author: Alka Singh

I have never let anything stop me from pursuing my passion. I have spent over a decade expressing myself through my art and I do not plan on stopping soon. Whether it is through my paintings or my poetry, I have imbued and solidified my sense of self in my art.

आँखों की कैद में

आँखों की कैद में,रहने दो अब मुझे•••••कभी नूर बन के,कभी मोतियों के जैसेतिरने दो अब मुझे••••! यूँ इस तरहरुला के,न रिहा करो मुझे,आँखों की कैद मे ही,रहने दो मुझे•••••••!! Picture by Kat J (Unsplash) Please follow and like us:

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सुन लीजिए

कुछ नहीं मै,बस धड़कते दिल के सिवा,गर महसूस हो तो,महसूस कर लिजिये..भावों का ही बस,है मुझमें बसेरा,यकीं गर हो तो,बस जाईये..और कुछ नहीं,बस खाली हूँ मैं,चुप सदाओं को मेरीही सुन लीजिए. Please follow and like us:

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जानती हूँ

कौन रहता साथ हमेशा,जानती हूँ, फिर भी चाहती हूँ.••••वो भी इस बात मेंशामिल है,जानती हूँ,फिर भी कहती हूँ•••••चुन रही हूँ,गुलों की शक्ल मे काँटे,जानती हूँ,फिर भीचुनती हूँ•••••या तो रुक जाऊँ,या गम उठाऊँ,या छोड के निकल जाऊँ,जानती हूँ,फिर भी चलती हूँ•••••दर्द का दर्द ही दवा मेरी,जानती हूँ,फिर भी रोती हूँ••••• Please follow and like us:

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तन्हा

ख्वाबों को हक़ीक़त,समझने लगी,तब से परेशां,मैं रहने लगी••••••!कुछ नहीं,बंद पलकों के परेस्याह अंधेरों के सिवा,उन्हीं स्याही से,रंगीन सपने,मैंउकेरने लगी.•••••••!!क्या तस्वीर बनती,क्या बनाये जा रही हूँ,खामखाँ लकीरें,खीचनें लगी•••••!!!हांथ खालीन रंग,न कलमफिर भी किस्से कई मैं बनाने लगी••••••!!!!तन्हा राहों कीमैं तन्हा राहगीर,अपनी तन्हाई से,इश्क़ मैं करने लगी••••••! Please follow and like us:

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God and the Cosmos (Collection)

We exist and soon we won’t. To make sense of this, we create creators. Here is Alka’s creation of the cosmos and it’s creator.  Please follow and like us:

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Her (Collection)

Alka Singh captures ‘her’ on canvas. What ‘her’ entails is for Alka to keep secret and for you to interpret. Be it a muse, object of desire, a captive spirit or someone whose form is visible but ethos meant to be found, Alka’s paintings do exactly what we expect of our artists, they provoke or […]

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