रिश्ते

कुछ रिश्ते कितने अजीब होते हैं,
दूर हो कर भी करीब होते हैं।
भोएं तंज कर लेना,और तुनक जाना,
खूब लड़ना और मिलते ही रो रो के गले लगाना।
कुछ रिश्ते ———


उधड़े हुए वाकयों को सुई से पिरोना,
पेबंद लगा कर संजों रखना,बेरंग कपड़ों की तरह,
खुशबू से उनकी फिर ,ताज़ा वो वाकये होते हैं।
कुछ रिश्ते——-


है रंजिशे जो झुर्रियों की तरह आ ही जाती हैं,
उम्र हो चली तो इन रंजिशो को झुर्रियों की तरह छुपाना,
धो कर आइने में फिर उन्हें निहारना,
फिर याद कर गुजरे वक़्त को कहना,
हट झुर्रियों से भी कोई बूढ़े होते है।
कुछ रिश्ते——

Photo by Everton Vila on Unsplash

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