Day: August 4, 2019

मैं और मेरी शून्यता

जागने की हसरत थी रोशिनओं मेंमुझे जगाए रखा अंधेरों की ठोकरों ने। जो नहीं समझ पाते अंधेरों की जागृित वो कैसे समझेंगे मेरा जागरणवो कैसे समझेंगे मेरे अंधेरों के उजाले वो सो रहे हैं आँखें खोल करअंधेरों से अंधेरा पैदा हो यह ज़रूरी नहीं पर ये वो नहीं समझतेजो बौद्धिक अंधकार के शिकार हैं। जो […]

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Celestials

Gods, celestial beings to whom we pray when we are needful, revere when we are thoughtful and call upon when we are fearful. They have been our deities for millenia, so we may not know much about how we came to believe in them. But they are surely immortalized, in thought and action. We think […]

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