खेल


खेलो खेल खेलो
मजे ले ले के खेलो 
खेलो खेल खेलो।

फुट बाल खेला?
या टेनिस,या फिर हॉकी,
या क्रिकेट?

थक जाओ तो
आराम कर लो ,पानी पी लो,
नहीं?थके नहीं?
ये कौन सा खेल है?
जिसमे थकते नहीं,
रुकते नहीं?

हम लोगों से खेलते हैं ,
उनकी भावनाओं से,
आदत है खेलने की ,
थकते नहीं,रुकते नहीं ।
इधर से सुना उधर दे डाला,
मजे लेने के लिए मसाला लगाया।
कई दिन कुछ ना सुना तो अपना पकाया
मसाला कम था तो तड़का भी लगाया।

नहीं नहीं ऐसा खेल ना खेलो
रुक जाओ थोड़ी सांस
तो ले लो ,
ना सुनो ,ना सुनाओ ,
अपने को ही नहीं ,
दूसरों को भी बचाओ,
अदात बुरी है ,
जल्दी बाहर निकल आओ।

यह जो कर रहे हो कब तक कर पाओगे?
कभी तो कर्मों के चक्र में फंस ही जाओगे ,
कभी शायद पकड़े भी जाओगे,
कहां जा के अपना मुंह छुपाओगे,
फिर शायद बहुत पछताओगे।

मेरी मानो खेल खेलो,
सिर्फ खेल खेलो,
लोगों से नहीं ,चीज़ों से खेलो,
फुटबाल ना सही क्रिकेट खेलो,
ना दौड़ा जाए तो लूडो खेलो,

सही में खेल खेलो,सबकी वाह वाही लेलो,
खेलो खेल खेलो
मजे ले ले के खेलो।

Picture by Aaron Burden (Unsplash)

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