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दोस्त


दोस्त बहुत अच्छे होते है;

कुछ सच्चे,तो कुछ कच्चे होते हैं;
एक थाली में खाना;
भूख ना होने का करना बहाना;
मेरे पैसे बचाना,उस पर बात टाल जाना।
यही दोस्त पक्के होते हैं;
कुछ सच्चे,तो कुछ कच्चे होते हैं।

सिर पर हाथ रखे तो ठंडक पड़ जाए;
गले जो मिले तसल्ली मिल जाए;
गुस्से में भी जिनके प्यार नजर आए;
कुछ मेरे दोस्त ऐसे होते हैं;
कुछ सच्चे तो कुछ कच्चे होते हैं।

ना कभी आंखे फेरी;
ना कभी कुछ इज़हार किया;
मेरे लिए दुआ करी और मुझे संभाल लिया;
दिल की सुनी और मुझे स्वीकार लिया।
यही दोस्त मेरे अपने होते हैं;
कुछ सच्चे,तो कुछ कच्चे होते हैं;
दोस्त बहुत अच्छे होते हैं।

Picture by Cynthia Magana

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